मथुरा, अप्रैल 22 -- संस्कृति विश्वविद्यालय के संस्कृति स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (एसओईआईटी) में "मंत्र ध्यान की शक्ति: व्यावसायिक जीवन में सुख और सफलता का प्रभावी साधन" विषय पर विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक जीवन से जोड़ना रहा। मुख्य अतिथि प्रति कुलपति डॉ. रघुराम भट्ट ने भारतीय ज्ञान परंपरा की प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए ब्रह्मचर्य, गृहस्थ, वानप्रस्थ एवं संन्यास आश्रमों का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि सही गुरु के मार्गदर्शन से व्यक्ति संतुलित एवं सफल जीवन जी सकता है। मुख्यवक्ता इस्कॉन मंदिर के अध्यक्ष पंचगौड़ा प्रभु ने मंत्र ध्यान के महत्व को सरल ढंग से समझाते हुए कहा कि यह तनाव, चिंता और एकाग्रता की कमी जैसी समस्याओं को दूर करने में सहायक है। यह भी पढ़...