मथुरा, अप्रैल 13 -- जीएलए विश्वविद्यालय के लिए यह अत्यंत गर्व और हर्ष का विषय है कि विश्वविद्यालय की बायोटेक विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अनुजा मिश्रा (प्रमुख अन्वेषक) तथा एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. स्वरूप कुमार पाण्डेय को जूनोटिक डिजीज इंटीग्रेटेड अप्रोचेज टू डायग्नोसिस कंट्रोल एंड प्रिवेंशन विषय पर एक महत्वपूर्ण ट्रेनिंग एवं रिसर्च परियोजना हेतु 73.51 लाख रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्राप्त हुई है। यह परियोजना डिपार्टमेंट ऑफ हेल्थ रिसर्च (डीएचआर), स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार तथा इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) द्वारा प्रायोजित है। यह उपलब्धि न केवल डॉ. अनुजा मिश्रा और डॉ. स्वरूप कुमार पाण्डेय की एकेडमिक एवं रिसर्च एक्सीलेंस का प्रमाण है, बल्कि जीएलए विश्वविद्यालय की सुदृढ़ रिसर्च क्षमता और राष्ट्रीय स्तर पर बढ...