नई दिल्ली, मार्च 8 -- अंजुली भार्गव, नीति-विशेषज्ञ हाल के दिनों में एक के बाद एक कई हवाई दुर्घटनाओं ने देश का ध्यान बरबस खींचा है। अभी-अभी असम में हुई सुखोई विमान दुर्घटना में वायु सेना के दो पायलटों की मौत हो गई। इससे पहले रांची के पास एक एयर एंबुलेंस के दुर्घटनाग्रस्त होने में मरीज समेत सात लोगों की मौत के मुंह में समा गए। इसके कुछ ही हफ्ते पहले बारामती (महारारष्ट्र) में चार्टर विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने से राज्य के उप-मुख्यमंत्री अजित पवार समेत पांच लोगों की मौत हो गई थी। इससे पहले पिछले साल जून में अहमदाबाद में एअर इंडिया का विमान एक मेडिकल कॉलेज के भवन पर गिर गया था, जिसमें गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी समेत 241 लोग मारे गए थे। पिछले कुछ हफ्तों में भारत के उड़ान प्रशिक्षण संस्थानों (एफटीओ) व छोटे ट्रेनर-एयरक्राफ्ट से जुड़...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.