गाज़ियाबाद, फरवरी 26 -- ट्रांस हिंडन, वरिष्ठ संवाददाता। विमानन मौसम विज्ञान के क्षेत्र में भारत की आत्मनिर्भरता बढ़ाने के लिए सेंट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (सीईएल) साहिबाबाद और राष्ट्रीय वांतरिक्ष प्रयोगशाला (एनएएल) बेंगलुरु ने अपने करार को 2029 तक बढ़ाया है। वर्ष 2019 में पहला करार होने के बाद सीईएल ने दृष्टि ट्रांसमिसोमीटर को विकसित किया था, जो हवाई अड्डों पर दृश्यता का सटीक पता लगाती है। एक से तीन श्रेणी तक के सभी हवाईअड्डों पर विमान के उड़ान भरने और लैंड करने से पहले दृश्यता का पता लगाया जाता है। सीईएल का विकसित दृष्टि ट्रांसमिसोमीटर देश में 175 स्थानों पर लगाया जा चुका है। यह एक स्वदेशी विमानन उपकरण है, जो हवाई अड्डों पर कोहरे, धुंध या वर्षा जैसी प्रतिकूल मौसमी परिस्थितियों में रनवे की दृश्यता को सटीक रूप से मापता है। सीईएल के महाप्...