हजारीबाग, जून 6 -- हजारीबाग, शिक्षा प्रतिनिधि। विभावि में आयोजित छह दिवसीय संकाय विकास कार्यक्रम शनिवार को संपन्न हो गया। मौके पर मुख्य अतिथि पूर्व कुलपति डॉ एके श्रीवास्तव ने कहा कि शिक्षा में उत्कृष्टता, इक्विटी तथा विस्तार आवश्यक है। इसमें हिस्सेदारी अधिक महत्वपूर्ण है। मुख्य अतिथि ने अबुआ दिसुम, अबुआ राज की चर्चा करते हुए कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा के बिना हमारी कोई पहचान नहीं है। परंतु जब कृत्रिम बुद्धिमत्ता को भारतीय ज्ञान परंपरा के साथ मिलाकर आगे बढ़ेंगे तो यह एक अलग पहचान दिलाएगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो चंद्र भूषण शर्मा ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा केवल पूरान और उपनिषद जैसे ग्रंथ तक सीमित नहीं है। इसमें महात्मा गांधी और बाबा साहेब अंबेडकर जैसे आधुनिक चिंतकों के विचार भी समाहित हैं। यह भी पढ़ें- भारतीय ज्ञान प...