हजारीबाग, मार्च 17 -- हजारीबाग शिक्षा प्रतिनिधि आज भारत के सामने सबसे बड़ा प्रश्न है कि हमारा लोकतंत्र कितना लोकतांत्रिक है। यह भी समझना कि हमारे लोकतंत्र के समस्त आयाम कितने सुदृढ़ हुए हैं। इसी कड़ी में हम यह भी समीक्षा करते हैं कि हमारी मीडिया अपने दायित्व का निर्वहन कहां तक कर पा रहा है। उक्त बातें कुमाऊं विश्वविद्यालय नैनीताल के प्रोफेसर मधुरेंद्र कुमार ने सोमवार को विभावि पीजी राजनीति विज्ञान विभाग में आयोजित व्याख्यान में कही। प्रो कुमार भारतीय लोकतंत्र में मीडिया: लोकतंत्र के विरोधाभासों के डिकोड विषय पर व्याख्यान दे रहे थे। कहा कि प्रश्न पूछने का अधिकार लोकतंत्र का अहम अधिकार है। इसके लिए विशेष कर मीडिया के लोग अधिकृत है। मीडिया की शास्त्रीय भूमिका है कि वह लोगों की बातों को सरकार तक पहुंचाएं और सरकार की बातों को भी लोगों तक पहुंच...
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