नई दिल्ली, मार्च 9 -- नितिन पाई, निदेशक, तक्षशिला संस्थान दुनिया के विभिन्न देशों के बीच आज जिस तरह से युद्ध चल रहे हैं, भारत के लिए बेहतर विकल्प यही है कि वह पूरी तरह से तटस्थता की नीति ओढ़ ले। दुनिया भर में जारी युद्धों के कारणों को समझना बहुत जटिल है, लेकिन हमारे लिए सुकून की बात है कि उनसे हमारा कोई वास्ता नहीं है। भारत के पास ऐसी कोई जादू की छड़ी भी नहीं है कि वह यूक्रेन, पश्चिम एशिया या पूर्वी एशिया में निर्णायक भूमिका का निर्वाह कर सके। विभिन्न देशों के बीच जारी जंगों में दो में से कोई एक ही पक्ष जीतेगा, लेकिन भारत के हित सभी पक्षों के साथ जुड़े हुए हैं। इसलिए ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमले, रूस-यूक्रेन युद्ध या ताईवान पर चीनी आक्रमण के मंडराते बादलों के मद्देनजर किसी के साथ खड़े होना भारत के हित में नहीं है। उनके बीच चल रही लड़ाइय...