मुरादाबाद, मार्च 23 -- मुरादाबाद। मनरेगा के संचालन में स्वत: रोजगार को फंड का इंतजार है। चालू वित्तीय वर्ष के 11.34 करोड़ रुपये शासन में लंबित है। जिसमें मजदूरों के हिस्से के 75 लाख रुपये हैं। जिसकी वजह से हर दिन प्रधानों के दरवाजे पर मजदूर मेहनताना मांगने पहुंच रहे हैं। विभाग की वेबसाइट पर इस बात की जानकारी है कि प्रदेश में मनरेगा मजदूरी मद के 80 करोड़ 53 लाख रुपये बाकी है। राजमिस्त्री और मेट के मद में होने वाले भुगतान का करीब 43.56 करोड़ रुपये बकाए हैं। सामग्री मद में राज्य सरकार को 1861 करोड़ रुपये चाहिए। बात मुरादाबाद जनपद की करें तो यहां भी हजारों श्रमिकों की मजदूरी सात महीने से बाकी है। जिसके लिए विभाग को मजदूरी भुगतान के लिए 75 करोड़ रुपये चाहिए। सामग्री मद में 10 करोड़ और कुशल तथा अर्ध कुशल मजदूरों की मजदूरी के लिए 59.73 लाख रुपये...
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