मुजफ्फरपुर, अप्रैल 18 -- मुजफ्फरपुर, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि ऑनलाइन आवेदन करने के बाद भी किसानों की फसल समय से खरीद नहीं हो पाती है। पैक्स की ओर से तकनीकी खामियां बताकर टालमटोल की जाती है। इसमें सबसे अधिक धान अधिप्राप्ति के समय किसानों को जूझना पड़ता है। जिन किसानों की फसल बिक भी जाती है तो भी उन्हें बाद के दिनों में कई तरह की परेशानियां झेलनी पड़ती है। अगर वे नियम के तहत चलेंगे तो उनकी फसल बिकने से रही।मीनापुर के किसान नेता नीरज कुमार सिंह बताते हैं कि सरकारी नियम का हवाला देकर पैक्स की ओर से उन्हें कहा जाता है कि धान में 17 फीसदी से अधिक नमी नहीं होनी चाहिए। गंदगी नहीं हो। धान को पानी में भिगोकर देखा जाता है कि कितने धान में अन्न है और कितने में नहीं है। उस अवशेष को बाद करके धान की खरीदारी पैक्स करता है। इसका हवाला देकर किसान से न्यूनतम प...