शिमला, अप्रैल 7 -- हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि अंशकालिक (पार्ट-टाइम) सेवा को भी पेंशन की पात्रता तय करने में शामिल किया जाएगा। न्यायाधीश अजय मोहन गोयल ने कुलदीप सिंह की याचिका को मंजूर करते हुए यह आदेश दिया और संबंधित विभाग को निर्देश दिए कि याचिकाकर्ता को सेवानिवृत्ति की तारीख से कानून के अनुसार पेंशन दी जाए। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि याचिकाकर्ता ने अंशकालिक जल वाहक के रूप में लगातार 10 साल की सेवा पूरी कर ली थी और हर कैलेंडर वर्ष में 240 दिनों से अधिक काम किया था। ऐसे में वह नियमानुसार नियमितीकरण या पदोन्नति का हकदार था। लेकिन विभाग ने समय पर उसे नियमित या पदोन्नत नहीं किया और करीब 12 साल बाद उसे दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी में बदला गया। अदालत ने माना कि यह विभाग की चूक थी और इसके लिए कर्मचारी को नुकसान ...