मुंगेर, सितम्बर 9 -- ​मुंगेर, निज संवाददाता। मॉडल अस्पताल की नई चकाचौंध और आधुनिक इमारतों के बीच सदर अस्पताल में बुनियादी स्वास्थ्य सेवाओं को पटरी पर लाने के लिए एक ठोस और कारगर 'मास्टर प्लान' की सख्त जरूरत महसूस की जा रही है। अस्पताल में डॉक्टरों की पर्याप्त उपलब्धता के बावजूद उनकी कार्यक्षमता का सही दिशा में इस्तेमाल न होने के कारण अक्सर मरीजों को मामूली इलाज के बाद ही उच्च संस्थानों के लिए रेफर कर दिया जाता है। इस गंभीर समस्या के स्थायी समाधान के लिए डॉक्टरों की योग्यता, ऊर्जा और अनुभव के आधार पर जिम्मेदारियों को चार प्रमुख विभागों-ओपीडी, इमरजेंसी, शिशु विभाग और गायनी में व्यवस्थित रूप से बांटना बेहद जरूरी हो गया है.

वरिष्ठ डॉक्टरों के अनुभव से चमकेगी ओपीडी और वार्ड व्यवस्थाः अस्पताल में आने वाले गंभीर व जटिल मरीजों को सटीक और समय पर ...