गौरीगंज, मार्च 30 -- मुंशीगंज। संवददाता त्रेता युग में जब पृथ्वी पर राक्षसों का अत्याचार बढ़ गया तब भगवान श्री हरि विष्णु ने ब्राम्हण, गाय, देवता और संतों की रक्षा के लिए अयोध्या के राजा दशरथ के पुत्र राम के रूप में अवतार लिया। भगवान राम का जीवन मर्यादा, सत्य और धर्म का प्रतीक है। हमें भगवान राम द्वारा दिखाए गए मार्ग पर चलकर मनुष्यता की रक्षा करनी चाहिए। यह बातें प्राचीन महावीरन धाम सरायखेमा में चल रही श्री रामकथा के दूसरे दिन की कथा सुनाते हुए अयोध्या से आए कथावाचक राजेश निर्मोही ने कही।कथा वाचक ने भगवान राम के जन्म के कारणों का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने बताया कि सतयुग में मनु-सतरूपा द्वारा तपस्या कर भगवान विष्णु से अपने पुत्र के रूप में जन्म लेने का आशीर्वाद मांगने, विष्णु जी के द्वारपाल जय व विजय को मिले श्राप से मुक्ति दिलाने, र...