कुशीनगर, फरवरी 16 -- कुशीनगर। फाजिलनगर क्षेत्र के कनौरा गांव में श्रीमद्भागवत कथा के पहले दिन कथावाचक पंडित वीरेंद्र तिवारी ने दक्ष, यज्ञ और सती प्रसंग का मार्मिक वर्णन किया। उन्होंने श्रद्धालुओं को धर्म, त्याग और मर्यादा का संदेश दिया। कहा कि दक्ष, यज्ञ और सती प्रसंग से त्याग एवं धर्मपालन का संदेश मिला उन्होंने कहा कि राजा दक्ष ने विशाल यज्ञ का आयोजन किया। परंतु अहंकारवश भगवान शिव को आमंत्रित नहीं किया। माता सती ने जब यज्ञ में जाने की इच्छा प्रकट की तो भगवान शिव ने उन्हें बिना निमंत्रण जाने से रोका, किंतु सती अपने पिता के घर जाने से स्वयं को रोक न सकीं। यज्ञ स्थल पर पहुंचने पर जब उन्होंने भगवान शिव का अपमान होते देखा तो अत्यंत आहत हुईं। पति का अपमान सहन न कर पाने के कारण सती ने यज्ञ की अग्नि में अपनी आहुति दे दी। आचार्य ने कहा कि यह प्रस...
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