मुजफ्फर नगर, नवम्बर 1 -- विधायक निधि से होने वाले विकास कार्यों को लेकर जनपद मुजफ्फरनगर उत्तर प्रदेश में सबसे आखरी पायदान पर पहुंच गया है। करीब 744 कार्य लम्बित होने के कारण मुजफ्फरनगर जनपद की प्रदेश में 75वीं रैंक आई है। ई-आफिस शुरू होने पर व्यवस्था दुरूस्त नहीं हो पायी। जिस कारण करीब 744 पत्रावलियों पर स्वीकृति की मोहर नहीं लग पाई। इस कारण जनपद की प्रदेश में स्थिति सबसे खराब रही है। शासन स्तर से विकाय कार्य कराने के लिए प्रत्येक विधायक को पांच-पांच करोड़ की निधि मिलती है। यह धनराशि दो किश्तों में मिलती है। जनपद में छह विधायक है। एक माह पहले करीब ढाई-ढाई करोड़ की विधायक निधि की दूसरी किश्त जारी हुई है। विधायकों को अपने विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्य कराने के लिए डीआरडीए विभाग में ऑन लाइन प्रस्ताव भेजना होता है। डीआरडीए में प्रस्ताव आने...