नई दिल्ली, मार्च 17 -- बिहार की पांच राज्यसभा सीट के लिए सोमवार को हुए चुनाव में सत्तारूढ़ भाजपा नीत एनडीए को मिली शत प्रतिशत जीत के बाद विपक्ष ने मंगलवार को विधायकों की 'खरीद-फरोख्त' का आरोप लगाया। साथ ही दलबदल विरोधी कानून की समीक्षा की मांग की। भाजपा और उसके सहयोगी दलों ने हालांकि विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया कि विरोधी पक्ष अपने विधायकों को संभालने में विफल रहा। कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने लोकसभा परिसर में संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि राजनीतिक नैतिकता निम्नतम स्तर पर पहुंच गई है। दलबदल विरोधी कानून पर गंभीरता से पुनर्विचार का समय आ गया है, क्योंकि हर चुनाव में विधायकों की खरीद-फरोख्त के मामले सामने आते हैं। जो कभी एक छिटपुट घटना होती थी अब यह व्यापक समस्या बन गई है। राजद के सांसद सुधाकर सिं...