मेरठ, जून 6 -- श्री दिगंबर जैन प्राचीन बड़ा मंदिर शांतिनाथ महामण्डल विधान के 17वें दिन 500 परिवारों द्वारा विधान की मांगलिक क्रियाएं की गई। विधान में शांतिधारा तनुज जैन, राखी जैन, आजर्व जैन आदि ने की। तत्पश्चात नित्य नियम पूजन किया गया। आचार्य भाव भूषण जी महाराज ने प्रवचन करते हुए कहा कि शांतिनाथ विधान करने से असाध्य रोग भी दूर हो जाते है। आगम में वर्णन है कि जलोदर रोग के कारण जो व्यक्ति पेट के भार से खेद खिन्न है ऐसे रोगी जन व्यक्ति यदि जिनेन्द्र भगवान की धूल अपने शरीर से लगाते है। तो वे भी निरोग होकर कामदेव के समान सुन्दर हो जाते है। साथ ही उन्हें किसी का भय भी नहीं सताता। ऐसे विधान को 40 दिन जो करते है। उनके जन्म, जन्मान्तर के पाप कर्म नष्ट हो जाते है।विधान में विम्मी जैन, मनोज जैन, मयंक जैन, अनंत जैन, पुनीत जैन, सुनीता जैन, हंस जैन, मन...