विधान से जन्म जन्मान्तर के पाप कर्म नष्ट होते है : भाव भूषण महाराज
मेरठ, मई 28 -- जैन तीर्थ क्षेत्र श्री दिगंबर जैन प्राचीन बड़ा मंदिर में चल रहे श्री शांतिनाथ विधान के आठवें दिन मुख्य जिनालय में श्रद्धालुओं ने भगवान का अभिषेक किया। भगवान की शांतिधारा सुमत चंद जैन, प्रवीण जैन, नंदनी जैन आदि ने की। विधान के मध्य धर्मसभा में प्रवचन करते हुए आचार्य भाव भूषण महाराज ने कहा कि शांतिनाथ विधान करने से असाध्य रोग भी दूर हो जाते है। आगम में वर्णन है कि जलोदर रोग के कारण जो व्यक्ति पेट के भार से खेद खिन्न है ऐसे रोगी जन व्यक्ति यदि जिनेन्द्र भगवान की धूल अपने शरीर से लगाते है। तो वे भी निरोग होकर कामदेव के समान सुन्दर हो जाते है। साथ ही उन्हें किसी का भय भी नहीं सताता। कार्यक्रम में शांतिनाथ, कुंथुनाथ, अरहनाथ भगवान का अभिषेक किया। विधान में 150 परिवारों द्वारा पूजा अर्चना की गई। सांयकाल में भगवान की आरती की गई तत्प...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.