लखनऊ, जनवरी 20 -- लखनऊ, विशेष संवाददाता देशभर की विधान सभाओं और विधान परिषद के काम काज को और अधिक दक्ष, जवादेह व पारदर्शी बनाया जाएगा। इसके लिए राष्ट्रीय विधायी सूचकांक (एनएलआई) तैयार करने के लिए कार्यकारी समिति बनाई जाएगी। एनएलआई के आधार पर विधान सभाओं और विधान परिषदों की प्रदर्शन के आधार पर रैकिंग की जाएगी। 86वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन में इस पर सहमति बन गई है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष की मांग पर कार्यकारी समिति बनाने की बात कही है। उत्तर प्रदेश विधान सभा इस बार अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन की मेजबानी कर रही है। तीन दिवसीय इस सम्मलेन के दूसरे दिन मंगलवार को दिल्ली विधान सभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने राष्ट्रीय विधायी सूचकांक के बारे में कहा कि इससे विधायिकाएं जनता के प्रति अधिक उत्तरदा...