लखनऊ, अप्रैल 30 -- लखनऊ, प्रमुख संवाददाता। विधान परिषद में नेता सदन केशव प्रसाद मौर्य ने गुरुवार को चर्चा शुरू करते हुए कहा है कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 को लागू करने के लिए संविधान संशोधन अनिवार्य था, क्योंकि यह लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 फीसदी (एक-तिहाई) सीटें आरक्षित करता लेकिन उसमें संशोधन के लिए जब प्रस्ताव लाया गया तो चार प्रमुख पार्टियों, जिनमें यूपी में प्रमुख विपक्षी दल समाजवादी पार्टी भी है, ने टीएमसी, डीएमके और कांग्रेस के साथ मिलकर उसका विरोध किया। इन चारों दलों ने अपना महिला विरोधी घटिया चेहरा दिखाते हुए 2029 के चुनाव में जो 33 प्रतिशत आरक्षण देने का प्राविधान किया जाना था उस पर कुठाराघात किया। यह भी पढ़ें- जो काले कर्मों से राजमहल सजाते हैं, वही इतिहास में कलंक बन जाते हैं, सीएम योगी का सपा पर कटाक...