लखनऊ, फरवरी 18 -- लखनऊ, प्रमुख संवाददाता। निजीकरण के मुद्दे पर विधान परिषद में बुधवार को सपा-भाजपा सदस्यों के बीच जमकर नोंकझोंक हुई। इस दौरान दोनों पक्ष एक-दूसरे के कार्यकाल की खामियां गिनाते रहे। बाद में सपा सदस्यों ने गलत तथ्य पेश करने का आरोप लगाया और नारेबाजी करते हुए सदन से बहिर्गमन कर गए। शून्यकाल में सपा के डा. मानसिंह, आशुतोष सिन्हा, शाहनवाज खान तथा बलराम यादव समेत नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव ने काम रोको प्रस्ताव के तहत इस मुद्दे को उठाया। आशुतोष सिन्हा ने कहा कि सरकार पूरी तरह से निजीकरण और आउटसोर्सिंग के काम लग गई है। सभी विभागों में बड़ी संख्या में पद खाली हैं। उनको न भरकर सरकार आउटसोर्सिसिंग पर भर्तियां करवा रही है। इसमें आरक्षण की व्यवस्था खत्म हो जाती है, जो कि हमें बाबा साहब ने दिया था। बीमा, पेंशन और अन्य कोई सुविधा नही...