नई दिल्ली, मई 4 -- ताजा विधानसभा चुनावों के आंकड़ों से पता चलता है कि मतदाताओं के बीच 'नोटा' (नोटा) विकल्प की लोकप्रियता कम हुई है। असम को छोड़कर अन्य किसी भी राज्य में NOTA ने एक फीसदी का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाया। असम, पुडुचेरी, तमिलनाडु, केरल और पश्चिम बंगाल में नई सरकारें चुनने के लिए अप्रैल में अलग-अलग तारीखों पर वोट डाले गए थे।असम टॉप, 1.29 फीसदी ने दबाया NOTA असम में 1.29 प्रतिशत मतदाताओं ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVMs) पर NOTA का बटन दबाया। 5 राज्यों के विधानसभा चुनावों में असम नोटा का विकल्प चुनने वालों में पहले नंबर पर रहा। असम की 126 सीटों में से 13 के नतीजे आ गए हैं। इनमें 11 सीट पर भाजपा, एक सीट पर बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) और एक सीट पर एआईयूडीएफ ने जीत दर्ज की है। अब तक के रुझानों में भाजपा 71 सीट पर और कांग्रेस ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.