कौशाम्बी, अप्रैल 10 -- मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन होते ही राजनीतिक दलों में हायतौबा मच गई है। हालांकि सत्तासीन भाजपा एसआईआर रिपोर्ट से पूरी तरह से मुतमईन है। विपक्षी राजनीतिक दल ही इस रिपोर्ट से चौके हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि असर डालने वाले मतदाताओं के बेअसर होने पर चुनाव में फर्क किसे पडे़गा। अब इसको लेकर चाय-पान की दुकानों से लेकर पार्टी कार्यालयों में चर्चा हो रही है। विधानसभा की प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची चौंकाने वाली है। नेताओं को सूची ने हैरान कर दिया है। वह अब वह एक-एक वोट का गणित फिट करने में मशगूल हो चुके हैं। इसकी सबसे बड़ी बात यह है कि एक लाख 72 हजार वोटर सूची से हटाए गए है। इनमें से मृतक भी हैं, इसके अलावा वोटर शिफ्ट भी हुए हैं। इतना ही नहीं बड़ी संख्या में ऐसे वोटर मिले हैं, जो एसआईआर प्रक्रिया के दौरान बीएलओ को वोटर बने रह...