दरभंगा, मार्च 9 -- दरभंगा । मां श्यामा महोत्सव के दूसरे दिन रविवार को विद्वत गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विवि के पूर्व कुलपति प्रो. देवनारायण झा ने कहा कि विद्वत गोष्ठी से शास्त्रार्थ की परंपरा जीवंत होगी। संस्कृत भारत की आत्मा है। इस दौरान सभी अतिथि वक्ताओं ने न्यास समिति से संस्कृत के प्रचार-प्रसार, गुरुकुल परंपरा तथा शास्त्रार्थ परंपरा को जीवंत करने की मांग की। अध्यक्षीय उद्बोधन में न्यास समिति के उपाध्यक्ष प्रो. जयशंकर झा ने कहा कि मां श्यामा की कृपा होते ही सबों में करुणा का संचार होता है। उन्होंने वक्ताओं की ओर से आई मांगों के लिए अगली न्यास समिति की बैठक में प्रमुखता से रखने का वचन दिया। प्रमोद कुमार गुप्ता ने कहा कि धार्मिक पर्यटन क्षेत्र में मिथिला काफी समृद्ध है। इसे शक्ति परिपथ (सर्किट) के तहत ए...