रांची, जून 12 -- रांची, हिन्दुस्तान ब्यूरो। अखिल भारतीय विद्युत अभियंता महासंघ की फेडरल एग्जीक्यूटिव की बैठक शुक्रवार को बेंगलुरु में संपन्न हुई। बैठक में विद्युत क्षेत्र में निजीकरण, समानांतर वितरण लाइसेंस, कृषि डिस्कॉम गठन तथा सार्वजनिक उपक्रमों के विखंडन के प्रयासों का कड़ा विरोध किया गया। बैठक की अध्यक्षता एआईपीईएफ के चेयरमैन शैलेन्द्र दुबे ने की। महासंघ ने प्रस्तावित विद्युत (संशोधन) विधेयक-2025 को तत्काल वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि इससे वितरण क्षेत्र में निजीकरण को बढ़ावा मिलेगा। सार्वजनिक डिस्कॉम कमजोर होंगे तथा किसानों और आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। एआईपीईएफ ने चेतावनी दी कि यदि मानसून सत्र में यह विधेयक संसद में पेश किया गया तो देशव्यापी आंदोलन चलाया जाएगा। यह भी पढ़ें- बिजली कर्मियों के विरुद्ध बंद हो दमना...