एटा, मार्च 17 -- बच्चे ईश्वर की सर्वोत्तम कृति है जो हमारे आंगन को न केवल महकाते हैं। पुष्पित और पल्लवित होकर राष्ट्र के स्वर्णिम भविष्य का निर्माण करते हैं। मंगलवार को जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान हरचंदपुर कला सभागार में आयोजित जनपद स्तरीय उत्सव हमारा आंगन हमारे बच्चे कार्यक्रम में यह उदगार खंड शिक्षा अधिकारी थान सिंह ने व्यक्त किये। मंगलवार को जनपद स्तरीय उत्सव में उप शिक्षा निदेशक प्रतिनिधि नवनीत शर्मा ने कहा कि 6 वर्ष की आयु तक बच्चों का 85 प्रतिशत मानसिक विकास हो जाता है। जरूरत है तो उन्हें वातावरण देने की। बाल वाटिका के माध्यम से बेसिक विद्यालयों में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, स्पेशल एजुकेटर, शिक्षक और शिक्षामित्र दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि बाल वाटिका को प्रिंट रिच बनाएं तथा विकासोन्मुखी वातावरण का निर्माण करें। बाल विकास परियोज...