विकासनगर, मार्च 5 -- सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों से बाबू का काम कराए जाने को लेकर शिक्षा विभाग ने सख्त रवैया अख्तियार कर लिया है। माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने सभी मुख्य शिक्षाधिकारियों के माध्यम से प्रधानाचार्यों को किसी भी शिक्षक से मिनिस्ट्रीयल संवर्ग का कार्य नहीं कराए जाने का आदेश जारी किया है। प्रदेश के अधिकांश विद्यालयों में मिनिस्ट्रीयल संवर्ग और प्रधानाचार्यों के पद रिक्त हैं। ऐसे में दोनों ही कार्य शिक्षकों के भरोसे हैं। इससे शिक्षण कार्य प्रभावित होता है। मिनिस्ट्रीयल संवर्ग के कार्यों में सूचनाओं के आदान-प्रदान से लेकर शिक्षकों के वेतन का बिल बनाने तक शामिल हैं। शिक्षकों के वेतन के बिल बनाने में अधिकांश समय लग जाता है। इस बिल को खंड शिक्षाधिकारी कार्यालय तक पहुंचाना भी संबंधित शिक्षक की ही जिम्मेदारी है। इसके साथ आए दिन कई सूचन...
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