मुजफ्फरपुर, अगस्त 19 -- मुजफ्फरपुर। ​हैदराबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के 'पुनश्चर्या' कार्यक्रम में बीआरए बिहार विश्वविद्यालय में हिंदी के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. प्रमोद कुमार सिंह ने 'आदिकाल में विद्यापति का वैशिष्ट्य' विषय पर आभासी व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि आदिकाल की अस्पष्टता दूर करने में विद्यापति का अध्ययन मददगार है। वे सगुण शैव काव्यधारा के प्रथम कवि हैं, जिसे आचार्य शुक्ल ने छोड़ दिया था। ​कार्यक्रम में एचसीयू हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो. एम. श्यामराव, प्रो. आलोक पांडेय, प्रो. गजेंद्र पाठक, डॉ. आत्माराम सहित प्रतिभागी एवं शोधार्थी उपस्थित रहे। यह भी पढ़ें- रामचरितमानस नवनीत है तो रामायण तथागत: प्रो. विंध्यवासिनी

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