नई दिल्ली, सितम्बर 25 -- भारत में हर साल लाखों छात्र डॉक्टर बनने का सपना देखते हैं और इसके लिए नीट (NEET) की तैयारी करते हैं। हालांकि देश में सीमित MBBS सीटों और कड़े मुकाबले के कारण बड़ी संख्या में छात्र विदेश जाकर एमबीबीएस (MBBS) करने का रास्ता चुनते हैं। रूस, चीन, यूक्रेन के अलावा किर्गिस्तान में भी काफी संख्या में भारतीय छात्र मेडिकल की पढ़ाई के लिए जाते हैं। लेकिन ताजा खबर यह है कि किर्गिजस्तान में अंडरग्रेजुएट मेडिकल की पढ़ाई कर रहे 2000 से अधिक भारतीय एमबीबीएस स्टूडेंट्स अपने भविष्य को लेकर अनिश्चितता का सामना कर रहे हैं। दरअसल किर्गिजस्तान के 13 मेडिकल इंस्टीट्यूट्स को मान्यता (एक्रेडिटेशन) नहीं मिली है। जैसे देशों से पढ़ाई करने वाले भारतीय छात्रों के लिए सबसे बड़ी चुनौती भारत लौटने पर फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट एग्जामिनेशन (FMGE) को प...