गोरखपुर, मार्च 28 -- गोरखपुर। वरिष्ठ संवाददाता आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का समाज और व्यक्ति के जीवन में दखल तेजी से बढ़ रहा है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता अब मानवीय बुद्धिमत्ता पर हावी होती जा रही है। यह समाज के हर विभाग से लगातार सीख रहा है। इसके डेटा का आकार लगातार समृद्ध हो रहा है। यह इतना सहायक हो गया है कि व्यक्ति अब इसके अधीन होता जा रहा है। यही चूक खतरनाक हो सकती है। मानवीय बुद्धिमत्ता को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का स्वामी होना चाहिए सहायक नहीं।यह कहना है आईआईटी भिलाई के निदेशक प्रो. राजीव प्रकाश का। वह शुक्रवार को ग्लोबल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कॉन्फ्लुएंस के उद्घाटन समारोह में बतौर मुख्य वक्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम का उद्घाटन दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के महायोगी गुरु गोरक्षनाथ शोध पीठ में हुआ। इस दो दिवसीय सेमिनार का आयोजन अ...
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