वित्त मंत्री से मिले सेवा बांड वाले डॉक्टर, काम पर लौटने का फैसला
लखनऊ, सितम्बर 22 -- सेवा बांड के तहत प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में तैनात होने वाले एमबीबीएस डॉक्टरों ने मंगलवार को वित्त मंत्री सुरेश खन्ना से मुलाकात की। इन चिकित्सकों ने वित्तमंत्री को एक डिग्री वाले डॉक्टरों की वेतन असमानता के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एक ही डिग्री और काउंसलिंग के जरिए कुछ डॉक्टरों को दो वर्ष के लिए मेडिकल कॉलेजों तो कुछ को ग्रामीण क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) पर सेवा बांड के तहत तैनात किया जाता है।उन्होंने बताया कि शहरी क्षेत्रों में स्थित मेडिकल कॉलेजों में तैनाती पाने वालों को एक लाख 15 हजार रुपये मानदेय मिलता है जबकि ग्रामीण सीएचसी पर तैनात होने वाले डॉक्टरों को सिर्फ 50 से 60 हजार रुपये का ही भुगतान किया जाता है। यह भी पढ़ें- सर्विस बांड वाले डॉक्टरों ने मांगा समान मानदेय ग्रामीण...
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