देवरिया, जनवरी 22 -- देवरिया, निज संवाददाता। जिले में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) की रफ्तार काफी सुस्त है। आलम यह है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में अभी तक मात्र 797 परिवारों को ही सौ दिन का रोजगार मिला है। सबसे खराब स्थिति तरकुलवा, पथरदेवा और सलेमपुर ब्लॉक की है। यहां पर सौ दिन का रोजगार पाने वाले परिवारों की संख्या दहाई के आकड़े को भी नहीं छू पाया है। वहीं बरहज, देसही देवरिया और बैतालपुर ब्लॉक की स्थिति काफी अच्छी है। जिले में मनरेगा के तहत कुल 2 लाख 76 हजार 6 सौ 18 जॉब कार्ड धारक हैं, जिनमें से 1 लाख 29 हजार 3 सौ 22 मजदूर सक्रिय हैं। 1 लाख 47 हजार 2 सौ 96 मजदूरों को निष्क्रिय श्रेणी में रखा गया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 खत्म होने में दो माह बाकी है। अभी तक मात्र 70 हजार परिवार को रोजगार मिला है। इनमें से 7...