बागपत, मार्च 9 -- वित्तीय वर्ष की समाप्ति का महीना खर्चीला साबित हो रहा है। साथ में मंहगाई का मीटर भी दौड़ रहा है। विभिन्न मदों में लोगों की जेब पर काफी भार बढ़ गया है जिससे मध्यमवर्गीय परिवार काफी परेशान हैं। दरअसल, मार्च का महीना वित्तीय वर्ष का आखिरी महीना होता है और इसी माह सबसे ज्यादा खर्च भी बढ़ता है। मसलन, इनकम टैक्स, हाउस टैक्स, पर्सनल लोन, हाउस लोन, एलआईसी, वाहन की ईएमआई, बच्चों के दाखिले, एडमिशन फीस, कोर्स व बाजार की मंहगाई की मार तक हावी रहती है। खासतौर पर अभिभावकों के लिए मार्च आर्थिक रूप से भारी गुजरना शुरू हो चुका है। अभिभावकों रितिका जैन, सुषमा कौशिक का कहना है कि चालू वित्तीय वर्ष की समाप्ति से पहले सभी तरह के देय चुकाने होते हैं और उसके बाद मंहगाई से दो चार भी होना होता है। बाजार में खाद्य पदार्थ से लेकर रिफाइंड, ड्राईफ्रूट्...