प्रयागराज, मई 18 -- प्रयागराज, विधि संवाददाता। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने माध्यमिक शिक्षा में कार्य करने वाले स्ववित्त पोषित (वित्तविहीन) शिक्षकों को शिक्षक/स्नातक निर्वाचन में मतदाता बनने से वंचित करने के लिए दाखिल याचिका वापस लेने के आधार पर खारिज कर दी है। यह आदेश मुख्य न्यायमूर्ति अरुण भंसाली एवं न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेंद्र की खंडपीठ ने दिया है। वित्तविहीन शिक्षक महासभा उत्तर प्रदेश के प्रधान महासचिव जियारत हुसैन व वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ सत्यनारायण सिंह परिहार के अनुसार सुधांशु शेखर त्रिपाठी ने याचिका में कहा था कि वित्तविहीन शिक्षक अंशकालिक होते हैं इन्हें मतदाता नहीं बनाया जा सकता है।जिसके जवाब में वित्तविहीन शिक्षक महासभा ने कोर्ट के समक्ष यह तथ्य रखा की माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने अपने आदेश 16 अगस्त 2016 व संशोधित सेवा शर्त आठ अप्रैल 2025 म...