सासाराम, जून 8 -- परसथुआ, एक संवाददाता। सरकार शिक्षा व्यवस्था और शिक्षकों की समस्याओं के समाधान के लिए लगातार योजनाएं बना रही है, लेकिन वित्तरहित डिग्री कॉलेजों के शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों की समस्याओं पर अब तक अपेक्षित ध्यान नहीं दिया गया है। इससे उनकी आर्थिक और सामाजिक स्थिति लगातार खराब हो रही है। कर्मियों को कई बार उनकी मांगों के समाधान का आश्वासन मिला, लेकिन अब तक कोई ठोस नीतिगत निर्णय नहीं लिया गया है। सरकार और विश्वविद्यालयों की उदासीनता के कारण उन्हें समय पर अनुदान भी नहीं मिल पा रहा है। वहीं, वेतन एवं अन्य देयकों के भुगतान में देरी से कर्मचारियों के समक्ष परिवार के भरण-पोषण का संकट उत्पन्न हो गया है। हाल ही में अपनी मांगों को लेकर कॉलेज कर्मियों द्वारा किया गया धरना-प्रदर्शन उनकी समस्याओं की गंभीरता को दर्शाता है। वित्तरहि...