अयोध्या, मई 24 -- अयोध्या,कमलाकान्त सुन्दरम्। वैष्णव परम्परा की नगरी अयोध्या में एक ऐसा भी मंदिर है जिसमें भगवान का गर्भगृह देशी गाय के घृत एवं शुद्ध सरसों के तेल के दीपक से प्रकाशित हो रहा है। यहां के आचार्यों ने आधुनिक काल की सुविधाओं को सदैव निषिद्ध किया जिसके कारण मंदिर के स्थापना काल 1904 के बाद 2018 तक मंदिर परिसर में भी विद्युत संयोजन नहीं कराया गया। बताते है कि 2018 में एक भक्त की इच्छा से मंदिर में विद्युत संयोजन की व्यवस्था का प्रयास हुआ तो स्वीच बोर्ड तक नहीं लगाया जा सका। दीवारों में छिद्र के लिए लाई गई ड्रिल मशीन भी खंड-खंड हो गयी। इसी साल मंदिर के वयोवृद्ध महंत श्रीधराचार्य महाराज की ओपेन हार्ट सर्जरी हुई तब वृंदावन स्थित गुरुगादी के आचार्य स्वामी गोवर्धनाचार्य के निर्देशन में भगवद अनुकंपा की सामूहिक प्रार्थना की गयी। तदुपरा...