नई दिल्ली, मई 8 -- नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। अभिनेता से नेता बने विजय शनिवार को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं। करीब छह दशक तक द्रमुक और अन्नाद्रमुक के इर्द-गिर्द घूमती रही तमिलनाडु की राजनीति में विजय का उभार द्रविड़ राजनीति के नए दौर का संकेत माना जा रहा है। हालांकि, बहुमत के लिए सहयोगी दलों पर निर्भरता और प्रशासनिक अनुभव की कमी उनके सामने बड़ी चुनौती होगी। इसी कारण राजनीतिक जानकार इसे 'कांटों भरा ताज' बता रहे हैं। वर्ष 1967 से द्रविड़ राजनीति सामाजिक न्याय, क्षेत्रीय अस्मिता और हिंदी-विरोध की विचारधारा पर आधारित रही है। करुणानिधि, एमजीआर और जयललिता जैसे नेताओं ने इसे मजबूत जनाधार दिया लेकिन बदलते समय के साथ तमिलनाडु की नई पीढ़ी रोजगार, टेक्नोलॉजी, स्टार्टअप, डिजिटल अर्थव्यवस्था और बेहतर प्रशासन जैसे मुद्दों पर ज्या...