कौशाम्बी, फरवरी 21 -- मंझनपुर, संवाददाता। महेवाघाट के लौगांवा में संदिग्ध परिस्थितियों में मिली विजय की लाश के मामले में नया मोड़ आ गया है। मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। पोस्टमार्टम के बाद भी रहस्य बरकरार है। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि बिसरा प्रिजर्व कर उसे लैब भेजा गया है। लैब की रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का पता चलेगा। कौशांबी क्षेत्र के हिसामबाद गांव निवासी संगम लाल मिश्र के बेटे ऋतिक की बरात गुरुवार की रात महेवाघाट क्षेत्र के लौगावां आई थी। विवाह में हिसामबाद गांव का विजय त्रिपाठी पुत्र स्वर्गीय धर्मराज बराती बनकर आया था। रात को सोते वक्त जनवासे में उसकी मौत हो गई। शुक्रवार की सुबह घटना की जानकारी होने पर महेवाघाट पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। परिजन भी घटना के कारण को लेकर कुछ नहीं बता सके। बस यही जानकारी दी ग...
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