भागलपुर, मई 11 -- भागलपुर, वरीय संवाददाता। विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने से जहां एक ओर भागलपुर का नवगछिया समेत दर्जनभर जिलों से सीधा संपर्क प्रभावित हुआ है, वहीं इस संकट ने शहर को एक अनपेक्षित 'तोहफा' भी दिया है। सड़कों पर भारी वाहनों का दबाव कम होने से शहर की हवा न सिर्फ साफ हुई है, बल्कि वर्षों बाद भागलपुर के आसमान में दुर्लभ खगोलीय नजारे स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगे हैं। ​शहर की यातायात व्यवस्था में आए इस बदलाव का सबसे बड़ा असर वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) पर पड़ा है। आंकड़ों के अनुसार, रविवार को भागलपुर का एक्यूआई सुबह के वक्त मात्र 37 दर्ज किया गया, जो देर शाम तक अधिकतम 97 तक ही पहुंचा। विशेषज्ञों का मानना है कि वाहनों से निकलने वाले धुएं और धूलकणों में कमी आने के कारण वायु प्रदूषण के स्तर में 100 प्रतिशत से भी ज्यादा का सुध...