बहराइच, अप्रैल 9 -- जरवलरोड, संवाददाता। जरवल के गण्डारा में मनरेगा योजना में फर्जी अभिलेख प्रस्तुत कर तीन लाख से अधिक रुपए का भुगतान करा लिया गया था। लोकपाल और तकनीकी टीम की जांच में दो सड़के मौके पर कम पाई गई थी। कार्यवाही न होने पर हाइकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की गई। उच्च न्यायालय ने प्रकरण को गम्भीर मानते हुए डीएम को दो महीने में कार्यवाही करने का निर्देश दिया है। गांव निवासी राम सेवक ने बताया कि उन्होंने भ्रष्टाचार की शिकायत लोकपाल से की थी। लोकपाल और तकनीकी टीम की जांच में गोली राम के घर से सईद के घर तक निर्मित इण्टरलॉकिंग कार्य 183.28 वर्ग मीटर में पाया, जिसका भुगतान 1,83.150.07 के सापेक्ष 3,46,109.68 रुपये का भुगतान करा लिया गया। तैय्यब के मकान से जमील के मकान के आगे तक निर्मित इण्टरलॉकिंग कार्य 83 वर्ग मीटर में निर्मित पायी गयी...