नई दिल्ली, फरवरी 2 -- वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी को केंद्रीय बजट 2026-27 प्रस्तुत किया। वास्तव में यह बजट हमारे देश की आर्थिक स्थिरता और तेज विकास के संतुलन पर केंद्रित रहा। बजट का कुल अनुमानित आकार लगभग 54 लाख करोड़ रुपये रखा गया है तथा सरकार ने देश के विकास को गति देने के लिए पूंजीगत व्यय पर विशेष जोर दिया है। अच्छी बात यह है कि पूंजीगत व्यय को बढ़ाकर लगभग 12.2 लाख करोड़ रुपये किया गया है। कहना गलत नहीं होगा कि इसका उद्देश्य बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है। बजट में सड़क, रेल, बंदरगाह और शहरी विकास को प्राथमिकता दी गई है तथा इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश से रोजगार सृजन की उम्मीद जताई गई है। बजट में राजकोषीय घाटा नियंत्रण का स्पष्ट संकेत मिलता है। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए घाटा लक्ष्य सकल घरेलू उत्पाद, यानी जीडीपी का लगभग 4.3 प्रतिशत...