कानपुर, सितम्बर 19 -- कानपुर। विकसित भारत बनाने को प्रदेश का विकास जरूरी है। इसके लिए शिक्षा को केंद्र में रखना आवश्यक है। शिक्षा राष्ट्र की नींव के समान है। जिस प्रकार का नागरिक व समाज राष्ट्र को चाहिए, उसी अनुरूप शिक्षा व्यवस्था विकसित होनी चाहिए। विकसित भारत के साथ विकसित उत्तर प्रदेश और विकसित कानपुर की कल्पना करना जरूरी है। यह बात शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के राष्ट्रीय सचिव डॉ. अतुल कोठारी ने कही। कहा, विकास केवल आर्थिक और भौतिक प्रगति तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि इसमें मूल्य, नैतिकता, संस्कार और सामाजिक उत्तरदायित्व भी शामिल होने चाहिए। भारतीय परंपरा में धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष को जीवन के चार पुरुषार्थ माना गया है, जिसमें अर्थ और काम को भी धर्म के आधार पर संचालित करने की बात कही गई है। उन्होंने धर्म को संप्रदाय या मजहब के बजा...