रांची, मार्च 19 -- रांची, वरीय संवाददाता। केंद्रीय विश्वविद्यालय झारखंड (सीयूजे) में 'विकसित भारत की दिशा में जीएसटी 2.0' विषय पर आधारित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ गुरुवार को हुआ। सम्मेलन के पहले दिन कर सुधार, डिजिटल अनुपालन और आर्थिक विकास के विभिन्न आयामों पर विस्तृत चर्चा की गई। मुख्य सत्र में एक्सएलआरआई के प्रो. देबी प्रसाद बाल ने जीएसटी के ऐतिहासिक विकास को रेखांकित करते हुए कहा कि कर प्रणाली का संतुलन अत्यंत आवश्यक है, ताकि सरकार और नागरिक दोनों के हित सुरक्षित रह सकें। उन्होंने सतर्क किया कि अत्यधिक कराधान का उपभोग, निवेश और बचत पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है, जबकि एक संतुलित कर नीति ही आर्थिक विकास को गति दे सकती है।सीए राजीव गुप्ता ने कहा कि कर दरों में कमी, कोल सेस की समाप्ति, इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर में सुधार और रिफ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.