नई दिल्ली, अक्टूबर 30 -- सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि बीमा कंपनियां दुर्घटना पीड़ितों को मुआवजा देने से सिर्फ इसलिए इनकार नहीं कर सकतीं कि वाहन का मार्ग बदला गया था और यह परमिट का उल्लंघन था। न्यायमूर्ति संजय करोल और न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा की पीठ ने कहा कि केवल इसलिए पीड़ित या पीड़ित के आश्रितों को मुआवजा देने से इनकार करना कि दुर्घटना परमिट सीमा के बाहर हुई और इसलिए बीमा पॉलिसी के दायरे से बाहर है, न्याय की भावना के लिए अपमानजनक होगा। बीमा कंपनी को निश्चित रूप से भुगतान करना चाहिए। शीर्ष अदालत ने वाहन मालिक और बीमा कंपनी 'द न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड' द्वारा दायर अपील खारिज करते हुए यह टिप्पणी की। सात अक्तूबर 2014 को एक मोटरसाइकिल चालक की तेज रफ्तार बस से टक्कर होने के बाद मौके पर ही मौत हो गई थी। मोटर दुर्घटना दावा न्याया...