लखीसराय, अप्रैल 27 -- चानन, निज संवाददाता। संग्रामपुर पंचायत में वासकुंड डैम की खूबसूरती काफी निराली है। यहां के पहाड़-जंगल व फूल-लताएं अपनी ओर आकर्षित करने को तत्पर दिखती है। वहीं कल-कल बहता पानी पहाड़ों के बीच से आते हुए अपनी ओर लुभाता जान पड़ता है। सिंचाई के प्रमुख कैनाल बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री श्री कृष्ण सिंह को भी खूब लुभया था। उन्होंने आसपास की उंची करीब पहाड़ियों की बरसाती जल धारा को बर्बाद होने की बात सुनी ओर लाखों रुपये की लागत से करीब आधा किलोमीटर लंबी पांच सौ मीटर चौड़ी वन विभाग की पत्थरीली जमीन में वासकुंड डैम का बजाप्ता किनारों में पत्थरों को बिछाकर बांध का निर्माण करवाया था। यह भी पढ़ें- टंकी बनी, पाइप बिछे पर पानी नहीं, लीला बरन गांव में नल-जल योजना फेल, ग्रामीणों में आक्रोश डैम निर्माण कराने के पीछे का मूल मकसद था किसानों को...
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