वाराणसी, मार्च 22 -- वाराणसी। काशी के केदार खंड की गलियां रविवार को भी वाल्मीकि रामायण के पवित्र श्लोकों से गुंजायमान रहीं। यह सुयोग मानसरोवर तीर्थ क्षेत्र के श्रीराम तारक आंध्र आश्रम में श्रीराम साम्राज्य पट्टाभिषेक महोत्सव में प्राप्त हुआ। उत्सव के चौथे दिन यज्ञ पंडप वाल्मीकि रामायण के अन्य कांडों के श्लोकों से ऋषि-मुनियों के नाम से आहुतियां दी गईं। विशेष  कर पक्षीराज जटायु के नाम से यज्ञ-हवनादि किए गए। इसके समानांतर अरण्यकांड का पारायण भी चलता रहा। मुख्य आचार्य उलीमिरी सोमायजुलू ने बताया कि वाल्मीकि रामायण के अरण्यकांड को मोक्ष  कांड भी कहा जाता है। इस सर्ग विशेष में श्रीराम प्रभु ने वर्षों से उद्धार की प्रतीक्षा कर रहे ऋषि-मुनियों सहित विराध एवं कबंध समेत कई राक्षसों को सद्गति प्रदान की। इनमें भी   बड़भागी रहे जटायु जिन्होंने वह सद्गति...