शामली, दिसम्बर 22 -- क्षेत्र के गांव सिलावर निवासी वाल्मीकि समाज के लोगों ने बहुजन एकता संघर्ष समिति संगठन के नेतृत्व में डीएम को शिकायती पत्र देकर गांव में स्थित प्राचीन महर्षि त्रिकालदर्शी बाल्मीकि मंदिर की भूमि को मंदिर के नाम दर्ज कराने की मांग की है। शिकायत में बताया गया है कि ग्राम के पश्चिम-दक्षिण दिशा में नाले की पटरी व रविदास मंदिर से सटी हुई भूमि पर लगभग 100 वर्ष पुराना महर्षि त्रिकालदर्शी बाल्मीकि मंदिर स्थित है, जिसमें महर्षि बाल्मीकि की प्रतिमा स्थापित है। मंदिर में गुलाबनाथ पुजारी निवास करते हैं और यह मंदिर पूरे गांव की आस्था का केंद्र है। आरोप है कि दबंगों द्वारा मंदिर की भूमि को राजस्व अभिलेखों में ग्राम की बंजर भूमि के रूप में दर्ज करा दिया गया है, जबकि उक्त स्थान पर वर्षों से मंदिर विद्यमान है। ग्रामीणों का कहना है कि वे...