चम्पावत, अप्रैल 19 -- चम्पावत। सरस्वती शिशु मंदिर सूखीढांग का पंचम वार्षिकोत्सव धूमधाम से आयोजित हुआ। इस दौरान रंगारंग कार्यक्रमों की धूम रही। नन्हें मुन्ने बच्चों की एक से एक बढ़कर प्रस्तुतियों ने समां बांध दिया। मुख्य अतिथि विवेकानंद आश्रम श्यामलाताल के अध्यक्ष स्वामी ज्ञाननिष्ठानंद महराज ने शिशु मंदिर की शिक्षा पद्धति की सराहना करते हुए संस्कारों और भारतीय संस्कृति का संरक्षक बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य चरित्र निर्माण कर श्रेष्ठ नागरिक निर्माण करना होना चाहिए। सर्वप्रथम मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर पुष्पार्चन के उपरांत विद्यालय के नन्हे मुन्ने भैय्या बहिनों ने सरस्वती वंदना, स्वागत गीत, भारत की बेटी,लोक नृत्य, देशभक्ति गीत,मास्टर जी नाटक,बाल गीत,लोक गीत, शिशु गीत के साथ रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।...