दरभंगा, दिसम्बर 19 -- देश में लगातार बढ़ती महंगाई और शहरी इलाकों में तेजी से घटती खाली जमीन ने गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों की परेशानियों को कई गुना बढ़ा दिया है। रोजमर्रा की जरूरतों के साथ-साथ बच्चों की पढ़ाई, इलाज और आवास का खर्च उठाना ही मुश्किल हो गया है। वहीं, जब बेटा या बेटी की शादी का समय आता है तो यह वर्ग सबसे ज्यादा दबाव में आ जाता है। खासकर शहरी क्षेत्र में रहने वाले परिवारों के लिए शादी-ब्याह अब सामाजिक खुशी से ज्यादा आर्थिक बोझ बनता जा रहा है। शहर में स्थिति और भी गंभीर होती जा रही है। पहले जहां मोहल्लों में खाली जमीन या मैदान हुआ करते थे, वहां अब मकान, दुकान और कॉम्प्लेक्स खड़े हो गए हैं। नतीजतन गरीब परिवारों के पास ऐसा कोई स्थान नहीं बचा, जहां वे कम खर्च में टेंट लगाकर अपने बच्चों की शादी संपन्न करा सकें। मजबूरी में उन्हें मह...