रायबरेली, जुलाई 1 -- रायबरेली, संवाददाता। जिले की सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल स्थिति में पहुंच गई हैं। डॉक्टरों और विशेषज्ञ चिकित्सकों की भारी कमी के चलते अधिकांश अस्पताल महज रेफरल सेंटर बनकर रह गए हैं। कई केंद्रों पर वार्ड ब्वाय, फार्मासिस्ट और आयुष चिकित्सकों के भरोसे अस्पतालों का संचालन हो रहा है। मरीजों और प्रसूताओं को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल या निजी अस्पताल रेफर कर दिया जाता है, जिससे गरीब मरीजों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों के अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सकों के साथ महिला डॉक्टरों की भी भारी कमी है। रात के समय इमरजेंसी सेवाएं प्रभावित रहती हैं। प्रसव, ऑपरेशन, बाल रोग और अन्य गंभीर बीमारियों के मरीजों को तत्काल रेफर करना मजबूरी बन गया है। टीकाकर...