नई दिल्ली, जुलाई 23 -- राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने वाराणसी में गंगा नदी के बाढ़ क्षेत्र के सीमांकन को लेकर राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी) से स्पष्टीकरण मांगा है। अधिकरण ने कहा कि एनएमसीजी द्वारा अपनाए गए मानकों और वर्ष 2016 के गंगा संरक्षण आदेश के नियमों में अंतर नजर आता है, जिसे स्पष्ट करना जरूरी है। यह मामला वाराणसी के रामघाट इलाके में वारी केमिकल्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा कथित तौर पर सक्रिय बाढ़ क्षेत्र में किए गए अवैध निर्माण से जुड़ा है। याचिकाकर्ता के वकील सौरभ तिवारी ने आरोप लगाया था कि यह निर्माण इलाहाबाद हाईकोर्ट के निर्देशों और वर्ष 2016 के गंगा पुनर्जीवन, संरक्षण एवं प्रबंधन प्राधिकरण आदेश का उल्लंघन है। यह भी पढ़ें- एनजीटी के आदेश पर सिढ़पुरा की आरा मशीन की होगी जांच एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और...